अन्धविश्वास समाधान नहीं, समस्या है

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Black-Magicएक इंसान के लिए उसके माता पिता किसी भगवान से कम नहीं होते, बल्कि भगवान ही होते हैं| वो हमें जन्म देते हैं, इस बेरहम दुनिया में जीने कि ताकत देते हैं, हमारे अच्छे बुरे का ध्यान रखते है, हमारी चिंता करते हैं, और अगर घर में बेटी हो तो माँ बाप की चिंता थोड़ी बढ़ जाती है, और चिंता बढे भी क्यों ना, हमारे समाज की छोटी सोच ने घर से बाहर की दुनिया को असुरक्षित बना रखा है| तमाम सुरक्षाओं के बाद, माँ बाप कि चिंताओं के बाद भी अगर हमारी बच्ची सुरक्षित नहीं है तो इस बात का ज़िम्मेदार कौन हैं? बच्ची? उसके माँ बाप? या हमारा घिनोना समाज?

इसी घिनोने समाज की एक घिनोनी हरकत से आज आपको रूबरू कराते हैं| हमारे समाज की सबसे बड़ी, सबसे घिनोनी, सबसे घातक बीमारी है अंधविश्वास, सदियों से चली आ रही है, और आज भी है|

मामला बिजनौर का है| एक महिला जो काफी बीमार रहती थी उसे उसके किसी जानकर ने एक तांत्रिक के बारे बताया और कहा की वो उसका इलाज कर सकता है| तांत्रिक का नाम था “साजिद तांत्रिक”| साजिद तांत्रिक डिडौली कोतवाली क्षेत्र में रहता है| महिला का तांत्रिक से मिलना हुआ और तांत्रिक का घर में आना जाना शुरू हो गया| तांत्रिक ने उसे और उसके पति को बताया कि उनके घर में करोड़ों कि माया गड़ी हुई है| तांत्रिक ने कहा की वो महिला को ठीक भी कर देगा और घर में गड़ी माया भी दिला देगा, जिसके लिए एक कुवारी कन्या के साथ तंत्र विद्या  करनी होगी जिससे जिन्न महिला को ठीक करने और घर में गड़ी माया दिलाने के लिए तयार हो जायेगा|

तांत्रिक ने दंपति को अपने झांसे में लेकर पहले तो 8-9 लाख रूपय ऐंठ लिए, उसके बाद उसने एक दिन दंपति को उनकी बेटी के साथ हट्व्वा  बुला लिया| 12 बजे रात को वो उन्हें जंगल में ले गया और दंपति को दूर बिठा दिया, जिसके बाद उसने दंपति की बेटी के साथ दुष्कर्म किया| लड़की ने जब विरोध किया तो तांत्रिक ने उसे कहा की “तेरे घर में गड़ी माया और तेरी माँ के इलाज के लिए ही ये सब हो रहा है, जिन्न को प्रस्सन किए बिना ये मुमकिन नहीं हैं और ये जो तेरे साथ हो रहा वो मैं नहीं बल्कि जिन्न कर रहा है”|

 लड़की ने इस घटना कि जानकारी अपने परिजनों को नहीं दी| कुछ महीने बाद लड़की गर्भवती हो गई| परिजनों को बेटी के चैहरे के हाव भाव अजीब लगे तो उन्होंने बेटी से पूछताछ की, तब लड़की ने सारे मामले का खुलासा किया| परिजनों के पैरों तले जैसे ज़मीन खिसक गई| घटना कि जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने उस तांत्रिक को शहर में ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया|

 

ये सोच के ही अचरज होता है कि 21वीं सदी में भी तांत्रिकों के चंगुल में लोग फस जाते हैं| हमें समझना होगा कि अंधविश्वास समस्याओं का समाधान नहीं दिला सकता बल्कि अंधविश्वास तो खुद एक समस्या है|

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